कमलनाथ के मंत्री ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता का किया विरोध, कांग्रेस में हड़कंप

उज्जैन।

मोदी सरकार द्वारा कश्मीर से धारा 370  हटाने के बाद कांग्रेस में जमकर हलचल मची हुई है। नेता आए दिन अपने ही पार्टी के बयानों का विरोध और नेताओं पर सवाल खड़े कर रहे है।अब कमलनाथ सरकार में  लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बयान का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मैं पी चिदंबरम के बयान का विरोध करता हूं। केंद्र की चुनी हुई सरकार है उसे निर्णय लेने का अधिकार है। सरकार का धारा 370 हटाने का तरीका गलत था, तानाशाहा तरीके से धारा 370 हटाई गई। मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस में खलबली मच गई है। 

दरअसल, मंगलवार को 'आपकी सरकार, आपके द्वार' योजना के तहत मंत्री वर्मा उज्जैन पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है। वर्मा ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के उस बयान का विरोध किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो यह धारा नहीं हटाई जाती। मंत्री वर्मा ने कहा यह धारा जहां लगी थी वहीं से हटाना थी। केवल केंद्र की मोदी सरकार का तरीका अलोकतांत्रिक था। उन्होंने तानाशाही तरीके से इस धारा को हटाया। राज्यसभा में बहस के दौरान ही इस मामले में राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो गए। इससे लगता है कि यह पूर्वनियोजित था। होना यह था कि पहले लोकसभा में बहस होती फिर राज्यसभा में प्रस्ताव पास होता। इसके बाद राष्ट्रपति के पास जाता और फिर गजट नोटिफिकेशन होता।उन्होंने कहा कि मैं पी चिदंबरम के बयान का विरोध करता हूं।

गौरतलब है कि बीते दिनों पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करके हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेला है।  यदि जम्मू-कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो बीजेपी इस राज्य का विशेष दर्जा नहीं छीनती। उन्होंने ऐसा केवल इसलिए किया क्योंकि यह मुस्लिम बहुल है। चिदंबरम ने कहा कि मोदी सरकार ने अपनी ताकत से अनुच्छेद 370 को समाप्त किया। 


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