भोपाल नाव हादसा: कलेक्टर को हटाने की मांग, मछुवारों ने दी आंदोलन की चेतावनी

भोपाल।

कलेक्टर को हटाने मछुआरे धरने पर बैठे भोपाल के छोटे तालाब के खटला पुरा घाट के पास में नाव हादसे में 11 युवकों की मौत के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। प्रशासन ने इस मामले में  चार नाव संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। अब मछुआरा संघ इस कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतर आया है।  मछुआरा संघ ने चेतावनी दी है कि यदि नाव संचालकों के खिलाफ एफआईआर वापस नहीं दी गई और कलेक्टर को नहीं हटाया गया तो उनका आंदोलन प्रदेश स्तरीय होगा।

दरअसल, खटलापुरा हादसे में 4 मछुआरों पर हुई FIR का अब विरोध शुरू हो गया है।पुलिस द्वारा मछुवारों पर की गई कार्रवाई के खिलाफ आज राजधानी भोपाल में मांझी समाज के नेतृत्व में मौन जुलूस निकाला गया।यह जुलुस छोटे तालाब के कालीघाट से सीएम हाउस तक निकाला गया।इस दौरान मछुवारों ने  हाथों पर काली पट्टी बांधकर कार्रवाई का विरोध किया ।जुलूस में भोई ,ढीमर, कहार, बाथम, मल्हा, निषाद, मांझी और रायकवार समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। हालांकि प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बेरिगेट्स लगाकर कमलापार्क पर ही रोक लिया।

पुलिस द्वारा रोके जाने पर मछुवारों ने कमला पार्क के पास ही धरने पर बैठकर प्रदर्शन किया और सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका साफ आरोप है कि इस पूरे मामले में भोपाल के कलेक्टर तरुण पिथोड़े दोषी हैं और उनके ऊपर कार्यवाही होनी चाहिए। बजाय इसके उन नाव संचालकों पर कार्रवाई कर दी गई जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर छह  युवकों की जान इस हादसे में बचाई है। इसके बाद  SDM को ज्ञापन सौपा । मछुआरा समाज ने भोपाल कलेक्टर को हटाने की मांग की।साथ ही मछुआरा समाज ने दुर्गा विसर्जन में भाग न लेने की चेतावनी दी।

इस दौरान खटलापुरा घाट पर पानी मे डूब रहे 6 लोगो की जान बचाने वाले नितिन बाथम भी मौन जुलूस में शामिल हुए और उन्होंने सरकार को  चेतावनी देते हुए कहा कि  समाज के लिए  प्रशासन द्वारा दिया गया संम्मान और राशि वापस लौटा दूंगा । समाज के लोगो पर कार्यवाही गलत है, उनका कोई दोष नही।




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