दहेज के लालच में दिया तीन तलाक, कानून बनने के बाद हुई पहली FIR

खरगोन

तीन तलाक  मुस्लिम समाज में तलाक का ऐसा जरिया है, जिससे कोई भी मुस्लिम शख्स अपनी बीवी को सिर्फ तीन बार तलाक कहकर अपनी शादी को तोड़ सकता है। ताजा मामला मध्यप्रदेश के खरगोन जिले से सामने आया है जहां शादी के चार महीने बाद ही शौहर ने अपनी पत्नी को तलाक, तलाक, तलाक बोल घर से निकाल दिया है।हैरानी की बात तो ये है कि हाल ही में केन्द्र सरकार ने तीन तलाक का कानून बनाया है। मध्यप्रदेश का यह तीन तलाक का पहला मामला है।

दरअसल, पीड़िता अमरीन की शादी 6 अप्रैल को रंगरेजवाड़ी निवासी सद्दाम के साथ हुई थी। अमरीन का आरोप है कि निकाह के बाद से ही पति और परिवार के सदस्य रुपये मांगने लगे। पति सद्दाम मैकेनिक है और खुद का गैरेज खोलने के लिए ससुर से एक लाख रुपये लाने को बोला। अमरीना का कहना है कि उसके पिता गरीब हैं और मजदूरी करते हैं। इतनी बड़ी रकम कहां से देंगे।अमरीन ने बताया कि दहेज नहीं देने पर शौहर सद्दाम और उसके भाई इस्लामुद्दीन, जेठानी राबिया ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वे अक्सर उससे मारपीट करते थे। कई बार रात दो बजे से सुबह पांच बजे तक मारते रहे। अमरीने ने अपने पति पर अन्य महिला से अवैध संबंध होने का भी आरोप लगाया।

पिछले दिनों बकरीद मनाने के लिए अमरीन पिता के घर आई थी। इसके बाद 16 अगस्त को उसे चाची साइना और बुआ शबाना ससुराल छोड़ने पहुंचे थे। इनके सामने ही सद्दाम ने अमरीन को भला-बुरा कहा। उसका कहना था कि मैं तुम्हें नहीं रखूंगा। उसने फोन से अमरीन के चाचा रईस को घर बुलाया और सभी के सामने तीन बार तलाक बोलकर कहा कि वह अपनी पत्नी को साथ नहीं रखेगा। इसके बाद सभी दुखी होकर घर लौट आए।इसके बाद सोमवार को पीड़िता और परिजन एसपी सुनील कुमार पांडे से मिले। परिजनों ने पुलिस में शिकायती आवेदन देकर नए काननू के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



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