घटिया निर्माण को लेकर संभागायुक्त के सख्त तेवर

भोपाल।

राजधानी में लगातारा  हो रहे घटिया निर्माण को लेकर संभागायुक्त सख्त हो चली है। उन्होंने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कंपनियों पर एक्शन लेना शुरु कर दिया है। इसी कड़ी में  भोपाल कमिश्नर कल्पना श्रीवास्तव ने अब एनएचएआई के चेयरमैन को पत्र लिखा है।श्रीवास्तव ने पत्र में लिखा है कि 30 करोड़ की लागत से बने सिंगार चोली ब्रिज की जांच अपने स्तर पर कराए । यह ब्रिज अब उपयोग के लायक नहीं है तो पूरा ब्रिज तोड़कर नए सिरे से बनाया जाए। ब्रिज के निर्माण में  कई व्यापक अनियमितताएं सामने आई है।वही निर्माण करने वाली कंपनी की एक और अनियमितता सामने आई ।राजगढ़ कलेक्टर ने भोपाल कमिश्नर को इस संबंध में पत्र भी लिखा है।जिसमें  पचौर रोड पर सर्विस लेन में भारी अनियमितता होने के बात कही ।उन्होंने बताया है कि रोड का निर्माण बेहद घटिया क्वालिटी से हुआ है, इस पर भी एक्शन लिया जाए।

दरअसल, राजधानी के सिंगारचोली फ्लाईओवर ब्रिज में घटिया निर्माण कार्य को लेकर बुधवार को रिपोर्ट सामने आई है। इसमें ठेकेदार कंपनी की गंभीर लापरवाही सामने आई है।  कंपनी ने ब्रिज की डिजाइन को ही सही तरीके से नहीं बनाया था। लिहाजा ब्रिज प्रिकास्टेड वाल यातायात का भार ही सहन नहीं कर पाई। यहीं कारण था कि ब्रिज के 70 प्रतिशत सीसी ब्लाक (ब्रिज की दीवार पर लगाई गई सीमेंट की सिल्लियां) भी कई स्थानों से या तो निकल गए या टूट गए।रिपोर्ट में ब्रिज के कंटूर प्लानिंग को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद सुधार कार्य पर भी तत्काल रोक लगाने के निर्देश ठेकेदार कंपनी को दिए है।

एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज की मजबूती के लिए नए सिरे से काम किया जाएगा। ब्रिज की वाल को नए सिरे से बनाना होगा। इसके लिए इंटर लॉक सिस्टम से लगाए गए सीसी ब्लाक को खोला जाएगा। प्रिकास्टेड वाल का निर्माण के लिए बेस मजबूत किया जाएगा। फिर दोबारा नए सीसी ब्लाक ब्रिज में लगाए जाएंगे। कंटूर और पानी निकासी के लिए भी ब्रिज की डिजाइन को सही किया जाएगा। ब्रिज के अंदर पानी निकासी के लिए लगे पाइप भी नए सिरे से लगाए जाएंगे। फिलहाल इतने ही सुधार कार्य के लिए कंपनी पर करीब 7 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा।

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