मुख्यमंत्रीजी अपने मंत्रियों को बयानबाजी से रोकें : शिवराज

भोपाल। प्रदेश में अति बारिश से करीब 12 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को झेलना पड़ा है, लेकिन सरकार की ओर प्रभावितों को राहत एवं मुआवजा देने में देरी की जा रही है। जिसको लेकर विपक्ष की ओर से अकेले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। हालांकि शिवराज से पहले मप्र भाजपा ने भी प्रदेश व्यापी आंदोलन किया, लेकिन प्लॉप रहा। इधर सत्ता पक्ष की ओर शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया है। उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में किसान गोलीकांड से लेकर किसानों की आत्महत्या को लेकर कांग्रेस नेताओं ने शिवराज के धरना प्रदर्शन को सिर्फ सियासी नौटंकी बताया है। वहीं मंदसौर में धरना और रात्रि जागरण को लेकर शिवराज ने सरकार पर हमला बोला है| उन्होंने सीएम से मांग की है कि अपने मंत्रियों को बयानबाजी से रोकें। जनता के हर आंदोलन को नाटक और नौटंकी कहना, जनता का अपमान है।

बाढ़ से हुई बर्बादी को लेकर सियासत गर्म है| सत्ता पक्ष और सरकारी तंत्र के मैदान में उतरने से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित जिले राजगढ़, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नीमच, रतलाम, मंदसौर एवं अन्य जिलों का दौरा कर लिया। पिछले पांच दिन से वे रतलाम, नीमच और मंदसौर में डेरा डाले हुए हैं। इस बीच केंद्रीय दल भी प्रदेश में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेकर दिल्ली लौट चुका है, लेकिन शिवराज सिंह चौहान अभी भी मैदान में डटे हुए हैं। उन्होंने सरकार केा चेतावनी दी थी कि यदि 21 सितंबर तक किसानों को राहत नहीं पहुंचाई तो वे आंदोलन करेंगे। किसानों की मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने मंदसौर में धरना दिया|  इस दौरान बाढ़ पीड़ितों के हित के लिए धरना कर रहे शिवराज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन और बिजली बिलों की होली भी जलाई। कलेक्टर कार्यालय पर किए धरने प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपना दर्द सुनाया तो शाम को भजन मंडली के साथ शिवराज ने भजन किया और  बढ़े हुए बिजली बिल और मुआवजे की मांग को लेकर संघर्ष समिति बनाने का एलान किया है। इसको लेकर कांग्रेस सरकार ने शिवराज को नौटंकीबाज बताया है| 

शिवराज ने मंत्रियों द्वारा बयानबाजी पर पलटवार करते हुए कहा यह आंदोलन कार्यकर्ताओं का नहीं जनता का आंदोलन था, बाढ़ पीड़ितों के लिए ये आंदोलन था| जनता की अदालत लगी यह कोई नाटक नोटंकी नहीं है, मुख्यमंत्री से निवेदन है कि अपने मंत्रियों को बयानबाजी से रोकें। जनता के हर आंदोलन को नाटक और नौटंकी कहना, जनता का अपमान है। शिवराज ने कहा हम नाटक करने नहीं आये, जनता कई समस्या का समाधान करने आये हैं, हमारा मकसद बाढ़ पीड़ितों की समस्या का सकारात्मक समाधान हो| इधर, शिवराज के हमले के विरोध में कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने बयान जारी कर कहा है कि जिस मंदसौर में शिवराज आज धरना प्रदर्शन की नौटंकी कर रहे हैं, जब वे मुख्यमंत्री थे तब उसी मंदसौर में उन्होंने 6 किसानों पर गोली चलवाई थी। तब उन्होंने भोपाल उपवास किया था। 

शिवराज सिर्फ नौटंकी कर रहे हैं:सलूजा

पीसीसी अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान जब मुख्यमंत्री थे तब अपना हक मांग रहे किसानों के सीने पर गोलियां चलवाईं थी। तब मंदसौर जाने की बजाय भोपाल में उपवास पर बैठ गए थे, वह आज विपक्ष में किसानों की चिंता जताकर, मंदसौर में जनता अदालत लगा रहे है, यह उनका दोहरा चरित्र है। शिवराज को किसानों से कोई लेना-देना नहीं है। वे सिर्फ किसानों के नाम पर नौटंकी कर रहे हैं।


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