साहित्यकार और कलाकारों की सुविधाएं बढ़ाएगी सरकार, कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव

भोपाल। प्रदेश सरकार आर्थिक संकट से जूझ रहे साहित्यकार और कलाकारों की सुविधाओं में इजाफा करने जा रही है। इसके तहत उन्हें मासिक सहायता और चिकित्सीय सहायता में पहले से अधिक मदद मिलेगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही कैबिनेट में पेश करने को कहा है। इस बीच सरकार ने निर्णय लिया है कि अब 1 नवंबर को प्रदेश का स्थापना दिवस गोंड जनजाति कला वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में सर्वाधिक गोंड जनजाति के आदिवासी भाई मध्यप्रदेश में निवास करते हैं। स्थापना दिवस पर गोंड जनजाति की कला और उनके विशिष्ट कार्यों को पूरे देश में प्रचारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अर्थाभावग्रस्त साहित्यकारों एवं कलाकारों की मासिक सहायता और चिकित्सा सहायता राशि में वृद्धि करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी। उन्होंने प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर है, जब हम रहवासियों को प्रदेश के गौरव से जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए हम विभिन्न आयोजन कर उसमें प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बैगा, भारिया और सहरिया जनजातियों से जुड़ी संस्कृति, कला, जीवन आदि पर संदर्भ केन्द्र बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के पाताल कोट तामिया में भारिया जनजाति बहुतायत में रहती है। उनकी प्रगति और उनके परिवेश को संरक्षित करें।

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