एमपी की सड़कों पर जल्द दौड़ती नजर आएगी 'इलेक्ट्रिक बसें'

भोपाल।

लो-फ्लोर बसों और स्टार बसों की हालत को देखते हुए बीसीएलएल नए प्रयोग करने जा रहा है।खबर है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल समेत अन्य शहरों में जल्द सड़कों पर धुआं छोड़ती बसों की जगह अब इलेक्ट्रिक बसें चलने वाली है।भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) इस योजना को अमलीजामा पहनाने पर काम कर रहा है। यह प्राेजेक्ट डिपार्टमेंट ऑफ हेवी इंडस्ट्री (डीएचआई) के अंतर्गत चलाया जाएगा। इसमें डीएचआई 40 प्रतिशत की सब्सिडी देगी, जबकि 60 प्रतिशत खर्च ऑपरेटर को उठाना पड़ेगा। 

दरअसल, यह प्रोजेक्ट लोकसभा चुनाव के पहले लाया जाना था लेकिन आचार संहिता के चलते टल गया, लेकिन फिर से इसकी कवायद शुरु हो गई है। हालांकि  फिलहाल यह तय नही हो पाया है कि इन इलेक्ट्रिक बसों को कौन खरीदकर देगा। केन्द्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा प्रयोग के तौर पर बसें उपलब्ध कराई जाएगी या इन बसों को खरीदने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को सब्सिडी देगी। 

माना जा रहा है कि इसके पहले चरण में भोपाल में 100 बसों का संचालन किया जाएगा। एक बस की अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक है। भोपाल के अलावा इंदौर को 100, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर को 50-50 बसें मिलेंगी।फिलहाल इन्हें शहर के अंदर ही संचालित किया जाएगा इसके बाद धीरे-धीरे शहर के आसपास भी इन्हें चलाया जाएगा। बसों को चार्ज करने के लिए दो से तीन डिपो बनाए जाएंगे।

खास बात ये है कि ये बस 32 सीटर रहेंगी। साथ ही अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे, पब्लिक इंफॉर्मेशन सिस्टम, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से लैस होंगी। बताया जाता है कि एक बस की कीमत एक करोड़ रुपए है। ये बसें बैटरी फास्ट चार्जर से आधे घंटे में चार्ज होने पर 130 से 200 किमी तक चलती हैं। इसके लिए 30 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन बनाया जाना है। इन बसों के चलने से डीजल बसों की संख्या में कमी आएगी। इससे प्रदूषण कम होगा और डीजल के मुकाबले खर्च में भी कमी आएगी।



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